झारखंड: राज्यसभा सांसद और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे दिशोम गुरु शिबू सोरेन को लोक कल्याण के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष और आंदोलन की मिसाल रहा। मात्र 13 वर्ष की उम्र में पिता की हत्या के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़कर आदिवासी समाज को सूदखोर महाजनों के खिलाफ संगठित करने का संकल्प लिया। वर्ष 1970 में उन्होंने धान कटनी आंदोलन की शुरुआत कर शोषण के विरुद्ध मजबूत आवाज उठाई। इसी आंदोलन ने उन्हें जननेता के रूप में स्थापित किया।
वे झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक थे। यूपीए सरकार में वे कोयला मंत्री भी रहे। लंबे समय से बीमार चल रहे शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में हुआ।






























