झारखंड: झारखंड में रांची के उपयुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री से प्रसिद्ध समाजसेवी डॉक्टर अनिल कुमार के नेतृत्व में झारखंड के दर्जनों कलाकारों का प्रतिनिधिमंडल का मिलान किया गया जिसमें मुलाकात में कलाकारों ने एक ज्ञापन सौंपते हुए झारखंडी लोकगीत में लगातार बढ़ रही अश्लीलता और सांस्कृतिक प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इस विषय पर प्रशासन से सख्त रोक लगाने की मांग की है।
विरासत खासकर आदिवासी परंपराएं और लोग भाषण इन दोनों को कलाकारों द्वारा प्रस्तुत अश्लील गीतों और फुहार मची है कार्यक्रमों की वजह से बदनाम किया जाता है जिसे समाज के सभी वर्गों और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
मंच में रखी गई 6 अहम मांगे:
1. अश्लीलता पर रोक: लोकगीतों में बढ़ते अश्लील शब्दों और द्विअर्थी संवादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
2. सोशल मीडिया की निगरानी: अश्लील सामग्री के प्रचार-प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर नियमित निगरानी हो।
3. साइबर सेल की सक्रियता: ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई के लिए साइबर सेल को जिम्मेदारी दी जाए।
4. सांस्कृतिक दिशानिर्देश: लोकभाषा और क्षेत्रीय संस्कृति की रक्षा के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश तैयार किए जाएं।
5. प्रेरणादायक गीतों को बढ़ावा: सकारात्मक और समाजोपयोगी लोकगीतों को प्रोत्साहित किया जाए।
6. स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता: सरकारी आयोजनों में स्थानीय और वास्तविक कलाकारों को मंच प्रदान किया जाए।
उपायुक्त श्री मंजुनाथ जी ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को काफी गंभीरता पूर्वक सुना और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रशासन की ओर से उचित कदम उठाने का निर्णय लिया और कहा कि झारखंड की संस्कृत परिचय को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा और इसके लिए जिला प्रशासन प्रतिबंध लगाएगी।






























