हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में केरेडारी प्रखंड के बेलतू गांव में झंडा लगाने को लेकर दो समुदायों के बीच बेहद तनाव हो गया। इस मामले में हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल और बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी बेलतू गांव का दौरा करने गए तब उन्हें सीकरी थाना की पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए दोनों नेताओं को थाने में नजरबंद कर दिया।
पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने यह बताया कि बेलतू गांव में तनाव की स्थिति को मुद्दे नजर रखते हुए धारा 144 लगा दी गई है, जिसके तहत चार या अधिक लोगों के साथ इकट्ठा होना या किसी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि की अनुमति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद और विधायक की मौजूदगी से हालात और भी बिगाड़ सकता है इसलिए बेलतू जाने से उन्हें रोक दिया गया।
नेताओं ने जताया विरोध
सांसद मनीष जायसवाल और विधायक रोशन लाल चौधरी ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराज की जताई और उनका कहना था की उन्हें जनप्रतिनिधि होने के बावजूद लोगों की समस्याएं सुनने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने से रोका गया। दोनों नेताओं ने बताया कि उनका मकसद सिर्फ हालात का जायजा एवं किसी प्रकार की अशांति ना फैले इसका ध्यान रखना था।
प्रशासन बना चर्चा का विषय
हजारीबाग के केरेडारी जिला के बेलतू गांव में स्थानीय लोगों के बीच अब यह बात एक विशेष चर्चा बन चुका है। जनप्रतिनिधियों ने यह सवाल उठाया कि आखिर उन्हें अपने ही क्षेत्र में जाने से क्यों रोका गया। प्रशासन ने यह कहा कि किसी भी स्थिति को बिगड़ता नहीं देखना एवं इसलिए एतिहात के तौर पर यह कदम उठाया गया है इससे हमारा निजी कुछ भी लेना देना नहीं है।
इसी के साथ प्रशासन की ओर से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है एवं दोनों समुदायों के नेताओं से भी संयम भारत ने और सहयोग करने की अपील की गई है।






























