जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को मचैल माता मंदिर के पास बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया। कुदरत के इस कहर में अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 120 से अधिक लोग घायल हैं। हादसे में CISF के दो जवान भी अपनी जान गंवा बैठे। प्रशासन के मुताबिक, अब तक 50 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

स्थानीय प्रशासन, NDRF, SDRF और सुरक्षा बल मिलकर राहत कार्यों में जुटे हैं। बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन अधिकारियों ने साफ किया है कि हर संभव प्रयास जारी है। मचैल माता मंदिर के पास हुआ यह हादसा श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए एक गहरी चोट बन गया है। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में टीमें लगी हुई हैं।
इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल कई परिवारों को शोक में डुबो दिया है, बल्कि अमरनाथ और मचैल यात्रा के श्रद्धालुओं के बीच भी चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।




























