नई दिल्ली: नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर 2025 तक हुए IITF सरस मेला 2025 में झारखंड की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी मेहनत और हुनर से सबका दिल जीत लिया जिसमें उनसे जुड़े 16 सखी मंडल की महिलाओं ने पलाश और आदिवा ब्रांड के उत्पाद बेचकर कुल 30.72 लाख रुपये का रिकॉर्ड व्यापार किया।
आदिवासी ज्वेलरी ने जीत लिया दिल्लीवासियों का दिल
दिल्ली के लोगों ने खासकर आदिवा ब्रांड की चांदी और ऑक्सीडाइज़्ड ज्वेलरी को बहुत पसंद किया। मेले में 14.84 लाख रुपये से ज्यादा की ज्वेलरी बेची गई।

पलाश ब्रांड के खाद्य उत्पादों की जोरदार मांग
पलाश ब्रांड के रागी/तिल के लड्डू, रागी मिक्सचर, अचार, अरहर दाल, सरसों का तेल जैसे उत्पादों को भी लोगों ने खूब सराहा। सिमडेगा की ‘कॉलेबिरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी’ की महिलाओं के बनाए हुए रागी और तिल के लड्डू की खूब मांग रही। तसर सिल्क, नैचुरल ब्यूटी प्रोडक्ट्स और डोकरा कला का भी आकर्षण जमशेदपुर की मीनू रक्षित के नेचुरल ब्यूटी प्रोडक्ट्स, गोड्डा जिले के तसर सिल्क और दुमका की डोकरा कला भी मेले में लोगों को खूब पसंद आए।
ग्रामीण महिलाओं की राष्ट्रीय पहचान
मेले में मिली सफलता ने झारखंड की ग्रामीण महिलाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। जेएसएलपीएस के सहयोग से महिलाएं कौशल प्रशिक्षण लेकर अपने उत्पादों को देशभर में बेच रही हैं। इसी प्रयास से झारखंड में अब तक 9.82 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। जेएसएलपीएस के सीईओ अनन्य मित्तल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सखी मंडल की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनें और सफल उद्यमी के रूप में आगे बढ़ें।





























