झारखंड: झारखंड में नक्सल हिंसा में मारे गए लोगों के आश्रितों को एक दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बाद आखिरकार मुआवजा मिलेगा। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
यह मुआवजा चाईबासा, गुमला, लातेहार और देवघर जिलों में नक्सली हिंसा का शिकार हुए पांच लोगों के परिवारों को दिया जाएगा। जारी आदेश के अनुसार, इन पांचों पीड़ितों के आश्रितों को एक-एक लाख रुपये की राशि बतौर मुआवजा प्रदान की जाएगी। विभाग ने संबंधित जिलों के डीसी को जल्द से जल्द यह राशि वितरित करने का निर्देश दिया है।
नक्सल हिंसा में मारे गए परिवारों को मिलेगा मुआवजा
- देवघर जिले के विष्णु प्रसाद आठ नवंबर 2008 को नक्सली हिंसा में मारे गए थे। इनकी पत्नी हमेंती देव्या को एक लाख रुपया का मुआवजा मिलेगा।
- चाईबासा जिले के बुधनाथ हस्सा पूर्ति 28 जून 2012 को नक्सली हिंसा में मारे गए थे। इनकी पत्नी रामदी सोए को एक लाख रुपया का मुआवजा दिया जाएगा।
- गुमला जिले के रितु बढ़ई 12 अगस्त 2013 को नक्सली हिंसा में मारे गए थे। इनकी पत्नी बालो सोय को एक लाख रुपया का मुआवजा मिलेगा।
- लातेहार जिले के सलमान अंसारी 18 अगस्त 2013 को नक्सली हिंसा में मारे गए थे। इनकी पत्नी शब्बा प्रवीण को एक लाख रुपया का मुआवजा दिया जाएगा।
- चाईबासा जिले के केलमेंट बरजो 30 अगस्त 2016 को नक्सली हिंसा में मारे गए थे। इनकी पत्नी सुनीता को एक लाख रुपया का मुआवजा दिया जाएगा।






























