झारखंड: झारखंड शराब घोटाले के दो आरोपियों अरुण पति त्रिपाठी और अरविंद कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
पूर्व में सुनवाई पूरी होने के बाद, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। इससे पूर्व दोनों ने एसीबी की विशेष कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। एसीबी कोर्ट के आदेश को अरुण पति त्रिपाठी और अरविंद कुमार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
बता दें कि, झारखंड में हुए शराब घोटाला की जांच में अरुण पति त्रिपाठी की संलिप्ता पाई गई है। वह सरकार के उत्पादन नीति के सलाहकार रहे हैं। झारखंड में बनी शराब नीति निर्माण में अरुणपति त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे से मिलीभगत कर छत्तीसगढ़ के कई प्लेसमेंट एजेंसियों की झारखंड में इंट्री कराई थी।

































