झारखंड: झारखंड हाईकोर्ट ने (विज्ञापन संख्या 10/2023) JSSC-CGL सहित अन्य नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी राज्य सरकार के आदेश पर रोक जारी रखी है। मामले में राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका और जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया, जिस पर, कोर्ट ने कहा कि दो दिन से ज्यादा का समय नहीं मिलेगा। कोर्ट ने कहा कि तुगलकी फरमान के तहत आपने सामूहिक रूप से नियुक्तियां रद्द कर दी हैं, यह अनुचित है। वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि सीआईडी के अनुसंधान की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की बात कहकर सरकार शपथ पत्र दाखिल करने में देरी करना चाहती है। सीआईडी का अनुसंधान और शपथ पत्र दोनों अलग-अलग चीजें है।
आज दोपहर 02.30 बजे दोबारा मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार की ओर से CID जांच की सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की गई, जिसका कोर्ट ने अवलोकन किया। अब मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार 11.30 बजे होगी।
हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इस नियुक्ति को रद्द किये जाने को चुनौती देने वाली आकाश गौरव एवं अन्य, निरोज एवं अन्य सहित अलग-अलग कई याचिकाओ पर सुनवाई की।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता श्रेय मिश्रा, अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स आदि ने पक्ष रखा। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहिताश्य राय ने पक्ष रखा।


































