झारखंड: राज्य में ठंड व शीतलहर की संभावित बढ़त को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने का आग्रह किया। प्रमुख रूप से बुजुर्गों, नवजातों, छोटे बच्चों और पुरानी बीमारी से ग्रसित लोगों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि जरूरत न होने पर ठंडे मौसम में बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ठंड से बचाए रखें।
हाइपोथर्मिया और ब्रोंकियल/श्वसन संबंधी समस्याओं के लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करने का निर्देश दिया गया। घर में कमजोर लोगों के पास त्वरित इलाज की व्यवस्था रखने पर जोर दिया गया।
विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर सुबह व रात के समय ठंड से बचाव के उपाय अपनाने के लिए अभिभावकों एवं व्यवस्थापक से समन्वय करने का अनुरोध किया गया। सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेशों के माध्यम से जनता को ठंड से बचने के सरल उपायों की जानकारी पहुंचाने का काम तेज करने का भी निर्देश दिया गया।
लोगों से कहा गया है कि गर्म पेय व पौष्टिक आहार लें। अलाव या हीटर का उपयोग करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और खुले आग के आस-पास बच्चों को अकेला न छोड़ें। भीगे कपड़े शीघ्र बदलें और ठंड से बचाव के लिए घरों में वेंटिलेशन व हीटिंग का संतुलन बनाए रखें।
राज्य व जिला स्वास्थ्य प्रबंधन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य व्यवस्था या हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।




























