झारखंड: झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को रांची के एक मकान/परिसर से बेदखली से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 8 जून 2026 तक अंतरिम राहत देते हुए कहा है कि यदि वे विवादित मकान में रह रहे हैं तो उन्हें तब तक बेदखल न किया जाए। मामले में फातिमा खातून एवं अन्य की ओर से याचिका दाखिल की गई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता एके दास ने कहा कि याचिकाकर्ता विवादित परिसर में रह रहे हैं और उन्हें वहां से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर राज्य सरकार तथा प्रतिवादियों की ओर से अधिवक्ता कौशिक सारखेल, अधिवक्ता पीएएस पति की ओर से इसका विरोध किया गया। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि परिसर में वर्तमान याचिकाकर्ता नहीं, बल्कि साहेब अख्तर नामक व्यक्ति रह रहा है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि उन्हें बेदखली का खतरा बना हुआ है। हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए कहा वि यदि याचिकाकर्ता वास्तव में उक्त परिसर में रह रहे हैं, तो अगली सुनवाई तक उन्हें वहां से बेदखल नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने मामले अगली सुनवाई 8 जून निर्धारित की।






















