बिहार में मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया पर जोर

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बिहार: बिहार में मतदाता सूची सुधार अभियान के तहत चुनाव आयोग में यह पूर्ण रूप से स्पष्ट किया गया है कि बिहार राज्य में कोई भी पत्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और इस क्रम में 20 जुलाई को सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को बूथ स्तर पर तैयार की गई सचिया साझा कर दी गई हैं। उन साझा किए गए सूचियां में मतदाताओं के नाम शामिल है जिन्होंने अब तक फॉर्म नहीं भरे हैं या मृतक हैं या स्थाई रूप से पलायन कर चुके हैं अन्यथा एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज है।

 

 1 अगस्त को होगी सूची प्रकाशित

चुनाव आयोग ने बताया कि 1 अगस्त 2025 को प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी जिसकी डिजिटल और मुद्रित प्रशन सभी 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भेज दी जाएगी। यह सूची वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी और आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि 1 सितंबर 2025 तक कोई भी मतदाता यह राजनीतिक दल दवा या आपत्ति दर्ज करवा सकता है अगर किसी को कोई भी तरह की असुविधा हो रही।

 

आंकड़ों में की गई सुधार

बिहार राज्य के अब तक के आंकड़ों के अनुसार 7.21 करोड़ मतदाताओं के फार्म प्राप्त और डिजिटल किया जा चुके हैं जिनमें से 21.6 लाख अमृत मतदाताओं एवं 31.5 लाख पलायन कर चुके मतदाताओं और 7 लाख डुप्लीकेट नाम की पहचान की गई है। इसी बीच एक लाख मतदाताओं का कोई पता नहीं चला है और 7 लाख से कम लोगों ने अब तक फॉर्म भी नहीं भरे।

 

चुनाव आयोग ने बिहार राज्य से उनके नागरिकों से और राजनीतिक दलों से यह अपील की प्रारूप सूची जारी होने के बाद उसमें दर्ज जानकारी की जांच करने और कोई गड़बड़ी हो तो 1 सितंबर से पहले इसका आपत्ति जरूर दर्ज करने का बात रखा है।

 

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