नई दिल्ली: रूस के सुदूर पूर्वी कमचटका प्रायद्वीप के तट पर बुधवार सुबह 8.7 तीव्रता का भीषण भूकंप दर्ज किया गया, जिसे पिछले कई दशकों में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जा रहा है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, यह 1952 के बाद इस क्षेत्र का सबसे तेज भूकंप है।

भूकंप के बाद पूरे प्रशांत महासागर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अमेरिका, जापान, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, इक्वाडोर और हवाई समेत कई देशों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है।
भूकंप और आफ्टरशॉक्स का सिलसिला
कमचटका तट पर दिनभर में 5.4 से 6.9 तीव्रता वाले कम से कम छह आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए। प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) ने चेतावनी दी है कि रूस और इक्वाडोर के तटीय क्षेत्रों में 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं।
दुनियाभर में अलर्ट का माहौल
- हवाई (USA): राजधानी होनोलूलू में सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भेजा गया।
- जापान: टोक्यो खाड़ी सहित कई क्षेत्रों में सुनामी चेतावनी जारी।
- न्यूजीलैंड: आपदा प्रबंधन एजेंसी ने “असामान्य और तेज धाराओं” की चेतावनी दी, लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने को कहा।
- फिलीपींस: PHIVOLCS एजेंसी ने प्रशांत तटीय इलाकों में एक मीटर तक ऊंची लहरों की चेतावनी जारी की।
- इंडोनेशिया: 0.5 मीटर तक ऊंची लहरें पापुआ, उत्तरी मालुकु और गोरोंटालो प्रांतों में पहुंचने की संभावना।
- गुआम, अलास्का और कैलिफोर्निया: तटवर्ती क्षेत्रों में सुनामी वॉच लागू।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बयान
सुनामी अलर्ट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा: “प्रशांत महासागर में आए भीषण भूकंप के कारण हवाई, अलास्का और अमेरिकी प्रशांत तट पर सुनामी की चेतावनी जारी है। जापान भी खतरे में है। मजबूत रहें और सुरक्षित रहें।”
प्रशासन की सतर्कता और लोगों से अपील
भूकंप और सुनामी की आशंका के चलते सभी प्रभावित देशों के आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क मोड में हैं। लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने, ऊंचे स्थानों पर शरण लेने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आगे की अपडेट्स जल्द साझा की जाएंगी।























