रांची: अफीम की खेती के काले कारोबार पर अंकुश लगाने और किसानों को मुख्यधारा की खेती से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन खूंटी एवं रांची के सहयोग से ‘चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन’ द्वारा एक विशेष जागरुकता अभियान चलाया गया। शनिवार को रांची के सतरंजी बाजार में आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक और पंपलेट वितरण के माध्यम से किसानों को अफीम की खेती के विनाशकारी परिणामों के प्रति सचेत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित वक्ताओं और नाटक मंडली ने किसानों को समझाया कि अफीम की खेती न केवल अवैध है, बल्कि यह भविष्य को भी अंधकारमय बनाती है।
इसके विकल्प के रूप में प्रशासन ने ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, स्वीट कॉर्न, टमाटर, बैगन और लाह उत्पादन जैसी नकदी फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
जानकारों ने बताया कि, इन आधुनिक फसलों की खेती से किसान अफीम की तुलना में अधिक और सम्मानजनक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। जागरुकता अभियान में अफीम के सेवन और खेती से होने वाले शारीरिक नुकसानों पर विशेष जोर दिया गया।






























