रांची: दक्षिण पूर्व रेलवे ने रांची–हटिया–बालसिरिंग रेल मार्ग पर तीसरा और चौथा रेल लाइन बनाने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया है। रेलवे बोर्ड ने इस काम के लिए अंतिम लोकेशन सर्वेक्षण (Final Location Survey – FLS) को मंजूरी दे दी है।
यह सर्वे 14 किलोमीटर के पूरे रेल खंड में किया जाएगा और इसके लिए ₹33.60 लाख का बजट तय किया गया है। रांची–हटिया–बालसिरिंग रेल मार्ग झारखंड का एक बेहद व्यस्त रेल रूट है। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां गुजरती हैं।
ट्रेनों की संख्या बढ़ने से यहां अक्सर लाइन व्यस्त रहती है, जिसके कारण कुछ समय पर ट्रेनों में देरी भी देखने को मिलती है। नई दो लाइनों के निर्माण से रेलमार्ग की क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की भीड़ कम होगी और समय पर ट्रेनें चलाना आसान हो जाएगा।
FLS क्या होता है और क्यों जरूरी है
FLS यानी Final Location Survey एक तरह की विस्तृत जांच है, जिसमें इंजीनियर यह देखते हैं कि नई रेल लाइन कहां-कहां और कैसे बिछाई जा सकती है। इसमें जमीन की स्थिति, मार्ग में आने वाली बाधाएं, पुल, खाली जगह, ढलान आदि की पूरी जानकारी ली जाती है। सर्वे पूरा होने के बाद ही रेलवे आगे की डिजाइन, बजट और निर्माण की योजना तय करता है।
परियोजना से जुड़े फायदे
जब यह तीसरी और चौथी रेल लाइन बनकर तैयार हो जाएगी, तब रांची और आसपास के क्षेत्रों का रेल नेटवर्क और मजबूत होगा, यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, यात्रा समय कम होगा, मालगाड़ियों का आवागमन तेज होगा और क्षेत्र में उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
इस परियोजना को मंजूरी मिलने से भारतीय रेल देश के प्रमुख मार्गों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार आधुनिक और क्षमतायुक्त बनाने के लिए सक्षम हो जाएगी।
































