अमेरिका में एक भारतीय डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर से उनके बेटे पत्रकार इशान थरूर ने पूछा कि क्या किसी देश ने पहलगाम हमले में पाकिस्तान के शामिल होने का सबूत मांगा है, खासकर जब पाकिस्तान इनकार कर रहा है? शशि थरूर ने जवाब देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान के खिलाफ पुख्ता सबूत न होते, तो भारत ने जो कार्रवाई की, वो नहीं की जाती।
शशि थरूर ने कहा कि पाकिस्तान का 37 साल का इतिहास है कि वह हमेशा किए गए आतंकी हमलों को लेकर मुकर गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय तक इनकार करता रहा कि उसे ओसामा बिन लादेन के लोकेशन के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन बाद में वह पाकिस्तान के कैंट इलाके में आर्मी कैंप के पास एक सेफ हाउस में मिला।
*पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के रिश्ते*
शशि थरूर ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) नामक आतंकी संगठन ने पहलगाम हमला होने के 45 मिनट के अंदर ही उसकी जिम्मेदारी ली थी। पाकिस्तान के मुरीदके से ऑपरेट होने वाले इस संगठन पर संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने प्रतिबंध लगा रखा है।
*भारत की कार्रवाई*
शशि थरूर ने कहा कि भारत द्वारा की गई 7 मई की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर के आतंकियों के जनाजे पाकिस्तान में निकाले गए। जिनमें वहां के अधिकारी भी शामिल हुए थे। थरूर ने कहा कि अगर पाकिस्तान हमें अकेला छोड़ दे, तो हम उसे अकेला छोड़कर खुश रहेंगे। लेकिन अगर उन्होंने इसे फिर से होने दिया, तो उन पर जवाबी हमला किया जाएगा।

























