झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि जब राज्य के नौनिहाल और माताएं सशक्त होंगी, तभी झारखंड स्वस्थ और समृद्ध बन सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कुपोषण कम करने, स्वास्थ्य सुधारने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि कुपोषण समाज के लिए अभिशाप है, लेकिन सरकार इसे जड़ से मिटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल, सिमडेगा में संचालित कुपोषण उपचार केंद्र न केवल बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिला रहा है, बल्कि माताओं को भी पोषण के प्रति जागरूक कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ रहा है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। पोषण से न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी होता है, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल बनता है।
उन्होंने जनता से अपील की कि हम सब मिलकर काम करने का संकल्प लें ताकि झारखंड के हर बच्चे और मां को पोषणयुक्त आहार और बेहतर स्वास्थ्य मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग में कई बड़े सकारात्मक बदलाव दिखेंगे, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिलेगा।






























