मैट्रिक परीक्षा में 97.4% अंक प्राप्त कर रांची जिला में टॉप और पूरे झारखंड में पांचवां स्थान हासिल करने वाली तहरीन फातिमा को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सम्मानित किया। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह में तहरीन को मोमेंटो भेंट किया गया, वहीं उनके माता-पिता को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
सामान्य परिवार से आने वाली तहरीन के पिता अब्दुल रहमान ठेले पर कपड़ा बेचते हैं। उनकी बेटी की यह सफलता पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। जब उपायुक्त द्वारा तहरीन को सम्मानित किया गया, तो माता-पिता की आंखें नम हो गईं। इस मौके पर उपायुक्त ने कहा, “बेटियों को शिक्षित कर उन्हें सशक्त और स्वावलंबी बनाना ही ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का सही उदाहरण है।”
इस अवसर पर तहरीन ने आत्मविश्वास से कहा, “मैं आगे इंजीनियरिंग करना चाहती हूं और फिर UPSC की तैयारी कर IAS बनना चाहती हूं।” यह जवाब सुनकर उपस्थित सभी लोगों के चेहरों पर मुस्कान आ गई, खासकर जब यह जवाब एक सीनियर आईएएस अधिकारी के सवाल के जवाब में आया।
कार्यक्रम में तहरीन के स्कूल की वाइस प्रिंसिपल सिस्टर विक्टोरिया, शिक्षिका सिस्टर सुनीता लकड़ा और शिक्षक एंथनी तिग्गा भी मौजूद थे। उपायुक्त श्री भजन्त्री ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों के योगदान की सराहना की।
उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिए कि तहरीन जैसे होनहार छात्रों को हर संभव सहयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि बेटियां न सिर्फ शिक्षित हों, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन सकें।तहरीन की सफलता न केवल उसकी मेहनत, बल्कि उसके माता-पिता के संघर्ष और समर्पण की भी मिसाल है।




























