केंद्र सरकार ने बुधवार को किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता के जरिए दी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि बीते 10 से 11 सालों में खरीफ फसलों के लिए MSP में लगातार इजाफा किया गया है और इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है।
सरकार द्वारा घोषित नए MSP के तहत कुल राशि का अनुमान लगभग 2,07,000 करोड़ रुपये लगाया गया है। इस राशि में सभी प्रमुख खरीफ फसलें शामिल होंगी, जिनमें धान, ज्वार, बाजरा, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, कपास आदि शामिल हैं। MSP निर्धारण में ‘लागत + 50 प्रतिशत’ फॉर्मूले को आधार बनाया गया है, जिससे किसानों को उनकी लागत के ऊपर 50 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ सुनिश्चित हो सके।
सरकार के इस कदम से करोड़ों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ने और जलवायु परिवर्तन के चलते किसान आर्थिक दबाव महसूस कर रहे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि MSP में यह बढ़ोतरी किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगी। साथ ही, यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का यह फैसला किसानों के लिए एक बड़ी राहत और उनके हितों की रक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

























