कांग्रेस सांसद शशि थरूर इन दिनों जहां एक ओर ऑपरेशन सिंदूर के बाद बने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हैं, वहीं अपने गृह राज्य केरल में सियासी तापमान बढ़ाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
थरूर ने इस बार केरल की वामपंथी सरकार पर हमला तुर्की को दी गई आर्थिक मदद को लेकर बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर 2023 में तुर्की को 10 करोड़ रुपये की मानवीय सहायता दी गई, जब खुद राज्य आर्थिक संकटों से जूझ रहा था।
बता दें कि फरवरी 2023 में तुर्की और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान केरल सरकार ने तुर्की को 10 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी थी। उस वक्त राज्य सरकार ने इसे “मानवीय कर्तव्य” बताया था, लेकिन अब एक बार फिर यह फैसला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
शशि थरूर ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि “जब राज्य में खुद की स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए पर्याप्त फंड नहीं हैं, तो फिर विदेश में मदद भेजने की प्राथमिकता कैसे तय की गई?”
थरूर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब केरल की सरकार पहले से ही वित्तीय तनाव और केंद्र से पर्याप्त फंड न मिलने की शिकायतों को लेकर घिरी हुई है। ऐसे में विपक्ष के इस हमले ने सत्तारूढ़ वाम मोर्चा की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
केरल सरकार की ओर से फिलहाल थरूर के बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा केरल की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है, खासकर जब राज्य की आर्थिक स्थिति और खर्च प्राथमिकताओं को लेकर विपक्ष सवाल उठाता रहेगा।



























