विदेश मंत्रालय ने आज मंगलवार को प्रेस कॉंफ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान अवैध रूप से कब्जा किये गये POK खाली करे। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय रूप से सुलझाना होगा।
किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं
रणधीर जायसवाल ने कहा कि किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं होगी। इस नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। लंबित मामला पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाये गये भारतीय क्षेत्र (POK) को खाली करना है।
अमेरिका के साथ चर्चा में व्यापार का मुद्दा नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्यापार पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने से लेकर 10 मई को गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर सहमति बनने तक अमेरिका से बात होती रही। किसी भी चर्चा में व्यापार का मुद्दा नहीं उठा।
पाकिस्तान की मजबूरी
भारत ने साफ किया कि यह पाकिस्तान की मजबूरी थी, क्योंकि उसी दिन सुबह भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के प्रमुख एयरफोर्स ठिकानों पर अत्यधिक प्रभावी हमले किये थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह भारतीय सैन्य बल की ताकत थी जिसने पाकिस्तान को गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए मजबूर किया।
जीत का दावा करना पाकिस्तान की पुरानी आदत
रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के विदेशी मीडिया को दिये गये साक्षात्कार पर कहा कि जीत का दावा करना उनकी पुरानी आदत है। उन्होंने 1971, 1975 और 1999 के कारगिल युद्ध में भी यही किया था।
टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों से हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और प्रतिबंध समिति की निगरानी टीम के साथ जानकारी साझा कर रहे हैं कि आतंकवादी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा है। उसे आतंकवादी इकाई के रूप में सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।

























