नेपाल में राजशाही की वापसी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए और राजशाही की वापसी हो। यह मांग भारत के लिए कई कूटनीतिक प्रश्न खड़े करती है, क्योंकि कुछ नागरिकों ने आरोप लगाया है कि ज्ञानेंद्र भारतीय धार्मिक कट्टरपंथियों के साथ मिलकर यह साजिश रच रहे हैं।
*प्रदर्शन के कारण*
– नेपाल में बढ़ता भ्रष्टाचार और अस्थिरता
– आर्थिक संकट और बिजली संकट
– हिंदू राष्ट्र की मांग ने सांस्कृतिक भावनाओं को हवा दी
*भारत की भूमिका पर सवाल*
– कुछ नेताओं का कहना है कि भारत नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र और राजशाही के रास्ते पर धकेलना चाहता है
– 2015 की आर्थिक नाकेबंदी का हवाला देते हुए नागरिकों ने कहा कि भारत ने नेपाल को भुखमरी के कगार पर ला दिया था
*सरकार की प्रतिक्रिया*
– प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने प्रदर्शनों को “लोकतंत्र के खिलाफ साजिश” करार दिया
– सरकार ने प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया
*आगे क्या होगा*
– राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने एक महीने का देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है
– अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर भारत और चीन, इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं
























