featured: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार, 11 सितंबर को बैंक कर्मचारी और अधिकारी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। हड़ताल में AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC समेत कई बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों ने हिस्सा लिया।
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, बैंकों में पर्याप्त संख्या में भर्ती करना और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में भेदभाव खत्म करना शामिल है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि लंबे समय से पर्याप्त भर्ती नहीं होने के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कई कर्मचारियों को देर रात तक काम करना पड़ रहा है और लगातार बढ़ते कार्यभार एवं तनाव का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। संगठनों ने काम के अत्यधिक दबाव के कारण कर्मचारियों द्वारा आत्महत्या किए जाने का भी दावा किया है।
यूनियनों का कहना है कि दुनिया के कई देशों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था पहले से लागू है। इससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलने के साथ बैंकिंग सेवाओं को भी अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
बैंक यूनियनों ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है। संगठनों के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को फिर हड़ताल होगी। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

































