झारखंड: झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। रांची सांसद और केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा है।
संजय सेठ ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे करीब 600 युवाओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं का अपराध क्या था।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान न तो उपद्रव हुआ और न ही पत्थरबाजी, इसके बावजूद युवाओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा मार्च से पहले रांची में व्यापक स्तर पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की गई और मुख्यमंत्री आवास के आसपास भी रास्तों को बैरिकेडिंग के जरिए बंद किया गया।
छात्र आंदोलन के बीच CDPO परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहे प्रमोद कुमार पाठक के संबंध उत्तर प्रदेश के कथित सॉल्वर गैंग से बताए जाते हैं और उनके पूर्व आपराधिक मामलों को लेकर भी सवाल हैं। छात्रों की मांग है कि ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए।
CBI जांच की मांग
छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया, अभ्यर्थियों की पृष्ठभूमि और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच के लिए CBI जांच जरूरी है। उनका तर्क है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बहाल करना मुश्किल होगा।
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे आंदोलन में CBI जांच की मांग प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। छात्रों और सरकार के बीच बातचीत के बावजूद इस मामले में गतिरोध जारी है।


































