देश विदेश: भारत में मताधिकार खतरे में है। अब समय आ गया है कि इसे मौलिक अधिकार बनाया जाये। कांग्रेस ने यह बात कही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस संबंध में गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार कंप्रोमाइज्ड हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि चुनावों में उनकी भूमिका तटस्थ पर्यवेक्षक की नहीं, बल्कि एक प्लेयर की है। जयराम रमेश ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और निर्वाचन आयोग के कई कदमों का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस फिर से दिया है। कहा कि इसके दोबारा खारिज होने पर फिर नोटिस दिया जायेगा।
जयराम रमेश ने कहा कि विपक्ष नोटिस देता रहेगा। आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग इतना पक्षपाती और कंप्रोमाइज़्ड कभी नहीं रहा, जितना ज्ञानेश कुमार के समय में है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, मेरा मानना है कि समय आ गया है कि मतदान का अधिकार मौलिक अधिकार बनाया जाना चाहिए। कहा कि यदि यह मौलिक अधिकार बनता है, तो लोग न्याय के लिए गुहार लगा सकते हैं।
श्री रमेश ने इस बात का जिक्र किया कि संविधान सभा में बहस के दौरान मताधिकार को मौलिक अधिकार बनाने के विचार पर मंथन किया गया था। भीम राव आंबेडकर इसके पक्ष में थे। उन्होंने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि अब जनता का मताधिकार खतरे में है।
































