झारखंड: झारखंड विधानसभा में चंदवा स्थित जगराहा डैम के मुद्दे पर चर्चा के दौरान जल संसाधन विभाग की नई योजना की जानकारी सामने आई। विधायक सरयू राय ने डैम की स्थिति को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे।
विधायक ने सदन में कहा कि टोरी रेलवे स्टेशन (चंदवा) के पास एक प्राकृतिक भूगर्भ जल स्रोत है, जहां से लगातार स्वच्छ पानी निकलता है और करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित जगराहा डैम में जाकर जमा होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह डैम चंदवा क्षेत्र के लिए जलापूर्ति और मत्स्य पालन दोनों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। सदन में यह भी मुद्दा उठाया गया कि पिछले कुछ वर्षों में जगराहा डैम प्लास्टिक, गाद, जलकुंभी और कचरे से भरता जा रहा है, जिससे इसकी गहराई कम हो रही है और जलमार्ग संकरा होता जा रहा है।
सरयू राय ने कहा कि डैम की सिंचाई क्षमता लगभग 2 हेक्टेयर है और इसके कारण इलाके का भूजल स्तर भी संतुलित रहता है। उन्होंने डैम में पानी लाने वाले नाले की मरम्मत और सफाई की मांग की।
इस पर जवाब देते हुए जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने कहा कि संबंधित डैम निजी संपत्ति (राजा की जमीन) में आता है इसलिए विभाग सीधे तौर पर कार्य नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि विभाग की वर्तमान नीति के अनुसार 5 एकड़ से बड़े तालाबों का ही सौंदर्याकरण और जीर्णोद्धार किया जाता है।
हालांकि, मंत्री ने यह भी महत्वपूर्ण घोषणा की कि सरकार एक नया प्रस्ताव ला रही है, जिसके तहत अब ढाई एकड़ (2.5 एकड़) के तालाबों का भी जीर्णोद्धार और सौंदर्याकरण किया जाएगा। इस योजना के लागू होने के बाद छोटे जलस्रोतों के संरक्षण और विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।































