नगर निकाय चुनाव 2026 में नहीं होगा NOTA का विकल्प

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झारखंड: अगर आप 2026 के निकाय चुनावों में वोट डालने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। इस बार जब आप पोलिंग बूथ पर वोट देने जाएंगे, तो आपको मतपत्र पर ‘नोटा’ (None Of The Above) का विकल्प नहीं मिलेगा। इसका मतलब है कि आप ‘इनमें से कोई नहीं’ का चुनाव नहीं कर पाएंगे।

आखिर क्या है पूरा मामला?

आमतौर पर लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वोटरों को यह अधिकार मिलता है कि अगर उन्हें कोई भी उम्मीदवार पसंद न हो, तो वे ‘नोटा’ का बटन दबा सकें। लेकिन, कई राज्यों के निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने स्पष्ट किया है कि निकाय चुनावों में नोटा का प्रावधान नहीं रखा गया है।

क्यों हटा नोटा का विकल्प

निकाय चुनावों में नोटा न होने के पीछे मुख्य रूप से दो कारण बताए जा रहे हैं। पहला संसदीय कानून का नियम है। जबकि, दूसरा कारण सीधा मुकाबला बताया जा रहा है।

संसदीय कानून का नियम : ‘नोटा’ का अधिकार

मुख्य रूप से राज्यसभा और विधान परिषद जैसे अप्रत्यक्ष चुनावों में लागू नहीं होता और स्थानीय निकायों के लिए भी इसके नियम अलग-अलग राज्यों के अपने कानूनों (Municipal Acts) पर निर्भर करते हैं।

सीधा मुकाबला : स्थानीय स्तर पर चुनाव बहुत

छोटे वार्डों में होते हैं। यहां मतदाताओं को मौजूद उम्मीदवारों में से ही किसी एक को चुनना होता है, ताकि स्थानीय सरकार के गठन में कोई बाधा न आए।

अब वोटर क्या करें?

अगर आपको अपने वार्ड का कोई भी उम्मीदवार पसंद नहीं है, तो आपके पास अब केवल दो ही रास्ते बचेंगे।

पहला : उपलब्ध उम्मीदवारों में से जो आपको सबसे बेहतर (या कम खराब) लगे, उसे वोट दें।

दूसरा : वोट न डालें, हालांकि एक जागरूक नागरिक के तौर पर मतदान करना आपकी जिम्मेदारी है।

 

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