देश-विदेश: वेनेजुएला के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर ईरान पर है। उन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ ट्रेड डील करने वाले देशों पर 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप ने अपने आदेश को अंतिम और निर्णायक बताया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
ट्रंप का फरमान ऐसे समय आया है, जब ईरान में सत्ता-विरोधी प्रदर्शन बढ़ रहे हैं। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि जो भी देश ईरान के साथ ट्रेड करेगा, उस पर अमेरिका 25% अतिरिक्त टैरिफ लगेगा। इसका असर चीन, ब्राजील जैसे बड़े देशों के साथ-साथ भारत पर भी पड़ सकता है।
भारत-ईरान के बीच हैं अच्छे ट्रेड संबंध
भारत और ईरान के बीच ट्रेड संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत, ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। भारत ईरान को बासमती चावल, चाय, चीनी, ताजे फल, दवाइयां, सॉफ्ट ड्रिंक, काजू, मूंगफली, बिना हड्डी का मांस, दालें और अन्य सामान निर्यात करता है।
वहीं, भारत ईरान से मेथनॉल, पेट्रोलियम बिटुमेन (सड़क निर्माण सामग्री), लिक्विफाइड प्रोपेन गैस, सूखी खजूर, बादाम आदि आयात करता है। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत और ईरान के बीच करीब 2.33 अरब डॉलर का व्यापार हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 22% अधिक था।
इस दौरान, भारत ने ईरान को 1.66 अरब डॉलर का सामान बेचा। जबकि, ईरान से 672.12 मिलियन डॉलर का सामान आयात किया गया। अप्रैल 2023 से जुलाई 2023 तक दोनों देशों के बीच व्यापार 660.70 मिलियन डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 455.64 मिलियन डॉलर और आयात 205.14 मिलियन डॉलर रहा।
हालांकि, पिछले साल की तुलना में वर्तमान समय में भारत और ईरान के बीच व्यापार लगभग 23% कम हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप द्वारा लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ के चलते भारत-ईरान के द्विपक्षीय व्यापार पर असर पड़ सकता है।



























