भारत की बड़ी कार्रवाई: चिनाब नदी का पानी रोका, पाकिस्तान की 47 मिलियन एकड़ भूमि सूखे की चपेट में

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    भारत ने चिनाब नदी का पानी रोक दिया है, जिससे पाकिस्तान की 47 मिलियन एकड़ भूमि सूखे की चपेट में आ सकती है। यह कार्रवाई पहलगाम में 22 अप्रैल की घटना के बाद सिंधु नदी संधि के निलंबन के बाद की गई है। भारत ने बगलिहार डैम के फाटक को बंद करके चिनाब नदी का पानी रोक दिया है।

     

     

     

     

    *चिनाब नदी का महत्व*

     

    चिनाब नदी सिंधु नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है, जो हिमाचल प्रदेश के बारालाचा दर्रे से निकलती है और भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से होकर बहती है। पाकिस्तान की 47 मिलियन एकड़ भूमि चिनाब नदी के पानी पर निर्भर है, जहां सिंचाई प्रभावित हो सकती है, जिससे खाद्य संकट और आर्थिक नुकसान की आशंका है।

     

     

     

    *सिंधु जल संधि*

     

    1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सिंधु जल संधि में चिनाब, झेलम और सिंधु नदियों के पानी पर पाकिस्तान का अधिकार है, जबकि रावी, सतलुज और ब्यास नदियों के पानी पर भारत का अधिकार है। हालांकि, भारत को इन नदियों पर बिजली उत्पादन और गैर-खपत उपयोग के लिए बांध बनाने की अनुमति है, बशर्ते यह संधि के नियमों का उल्लंघन न करे।

     

     

     

     

    *भारत की कार्रवाई का प्रभाव*

     

    भारत की इस कार्रवाई से चिनाब नदी के जलस्तर में कमी आई है, जिससे पाकिस्तान के सियालकोट क्षेत्र में पानी की कमी हो सकती है। यह कार्रवाई दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा सकती है और आर्थिक नुकसान की आशंका है।

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