झारखण्ड चैम्बर की रिन्युबल एनर्जी उप समिति की बैठक आज चैम्बर भवन में आयोजित की गई, जिसमें सोलर ऊर्जा के उपयोग और इसके फायदों पर चर्चा की गई। चैम्बर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने कहा कि सोलर ऊर्जा आज के समय में एक महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन झारखण्ड के लोगों और व्यापारी वर्ग को इसके फायदों के बारे में जानकारी नहीं है।
*सरकार की सब्सिडी का लाभ उठाने की अपील*
चैम्बर अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की पीएम सूर्य घर योजना और अन्य योजनाओं के तहत सब्सिडी उपलब्ध है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को इन योजनाओं से अवगत कराने की आवश्यकता है, ताकि वे इसका लाभ उठा सकें।
*उद्योगों के लिए सब्सिडी की मांग*
चैम्बर अध्यक्ष ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को उद्योगों के लिए भी सब्सिडी देनी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्योग सोलर ऊर्जा का उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि भवनों का डिजाईन सोलर के अनुरूप होना चाहिए, ताकि भविष्य में लोगों को सोलर लगाने में परेशानी न हो।
*नेट मीटरिंग की समस्या का समाधान*
बैठक में नेट मीटरिंग की समस्या पर भी चर्चा की गई। चैम्बर अध्यक्ष ने कहा कि नेट मीटरिंग का बिलिंग प्रॉपर नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह झारखण्ड में भी स्पष्ट बिल बनना चाहिए।
*अधिकारियों को ट्रेनिंग की आवश्यकता*
उप समिति चेयरमैन राजेश सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के सबस्टेशन में सोलर की नेट मीटरिंग और अन्य प्रक्रिया की पूरी जानकारी एसडीओ या जेई को नहीं है, जिससे नेट मीटरिंग के लिए उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उर्जा विभाग को प्रक्रिया की पूरी ट्रेनिंग राज्य स्तरीय इन अधिकारियों के लिए की जानी चाहिए।
बैठक में चैम्बर के कई सदस्य उपस्थित थे, जिनमें आदित्य मल्होत्रा, विकास विजयवर्गीय, कुमार मनीष, विवेक सिंह, सुनील कुमार, जेके सिंह, अलोक सिंह और किशन अग्रवाल शामिल थे।






























