झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि मानसून से पहले झारखंड से माओवादियों का सफाया हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह ‘क्या’ का सवाल नहीं है, यह ‘कब’ का सवाल है। डीजीपी ने दावा किया कि बचे हुए 10-25 माओवादी चाईबासा में खुलेआम घूम रहे हैं और उनके बारे में पुलिस के पास पूरी खुफिया जानकारी है।
*निशाने पर 13 बड़े नक्सली*
झारखंड पुलिस के निशाने पर एक-एक करोड़ के तीन इनामी समेत 13 बड़े नक्सली हैं। इनमें माओवादी नक्सली संगठन के शीर्ष नेता व एक करोड़ इनामी मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी और असीम मंडल के अलावा अनमोल, मोछु, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटू लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत और रापा मुंडा का नाम शामिल है।
*नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई तेज*
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई तेज है। सुरक्षा बलों के नये कैंप और ‘फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस’ (एफओबी) स्थापित किये जा रहे हैं। इससे नक्सली बौखला गये हैं और उनके सामने नयी भर्ती का भी संकट खड़ा हो गया है। सुरक्षाबल तेजी से उनकी तरफ बढ़ रहे हैं।
*क्या है डीजीपी का दावा*
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने दावा किया कि 2025 के मानसून से पहले झारखंड से माओवादियों का सफाया हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य 100% हासिल किया जाएगा। अब देखना यह है कि झारखंड पुलिस अपने इस लक्ष्य को कैसे हासिल करती है।





























