जंग की मार: सिविलियन भी भुगतते हैं सबसे ज्यादा

    0
    162

    नुक़सान तो हम सबको पता है कि फ़ौजी तो फ़ौज में भर्ती ही जंग लड़ने के लिए होते हैं। पर जब जंग होती है उसमें सिविलियन भी मारे जाते हैं। आटे दाल का भाव बढ़ जाता है। कई बेचारे बे घरबार हो जाते हैं। जंग के इस माहौल में जंग का विरोध करने वाला व्यक्ति अपने आप को गद्दार ही कहलवाता है।

     

     

     

    *जंग के दौरान सिविलियन सबसे ज्यादा प्रभावित*

     

    जंग के दौरान सिविलियन सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। उनके घर, उनकी जमीन, उनकी रोजमर्रा की जिंदगी सब कुछ प्रभावित होता है। जंग के बाद के हालात भी बहुत खराब होते हैं। लोगों को अपने घरों को छोड़कर भागना पड़ता है, और उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं होता।

     

     

     

    *जंग का विरोध करना क्यों मुश्किल है?*

     

    जंग के इस माहौल में जंग का विरोध करने वाला व्यक्ति अपने आप को गद्दार ही कहलवाता है। इसलिए हम भी कह देते हैं कि अगर जंग हुई तो हम अपनी ज़मीन के चप्पे-चप्पे की हिफ़ाज़त करेंगे। लेकिन जंग का विरोध करना क्यों मुश्किल है? क्या हमें जंग के बारे में सोचने का तरीका बदलना चाहिए? क्या हमें जंग के नुकसानों को समझने की कोशिश करनी चाहिए?

     

     

     

    *जंग के नुकसानों को समझना जरूरी*

     

    जंग के नुकसानों को समझना जरूरी है। हमें जंग के बारे में सोचने का तरीका बदलना चाहिए। हमें जंग के नुकसानों को समझने की कोशिश करनी चाहिए और शांति की दिशा में काम करना चाहिए।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here