एयर मार्शल एके भारती ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि हमारी युद्ध-सिद्ध प्रणालियां समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और उनका डटकर मुकाबला करती हैं। उन्होंने कहा कि यह एक अलग तरह का युद्ध था और ऐसा होना तय है। भगवान न करे, लेकिन अगर हम एक और युद्ध लड़ते हैं, तो वह इस युद्ध से पूरी तरह अलग होगा।
रामधारी सिंह दिनकर की कविता का उल्लेख
एयर मार्शल एके भारती ने अपने वीडियो प्रेजेंटेशन में रामधारी सिंह दिनकर की कविता का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। यह कविता वीर और रौद्र रस में लिखी गई है और यह दिनकर की खंडकाव्य कृति रश्मिरथी में सामने आती है।
रामचरित मानस की चौपाई का उल्लेख
एयर मार्शल ने रामचरित मानस की चौपाई भी सुनाई, जिसमें उन्होंने कहा कि “विनय ना मानत जलध, गये तीन दिन बीती। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति।
स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली की सराहना
एयर मार्शल एके भारती ने स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली (आकाश) की सराहना करते हुए कहा कि इसका शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल ड्रोन और मानव रहित विमानों की कोशिशों को स्वदेशी रूप से विकसित सॉफ्ट और हार्ड किल काउंटर-यूएएस प्रणालियों द्वारा विफल कर दिया गया।
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान
एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमें प्रतिद्वंद्वी को हराने के लिए आगे रहना होगा और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि यह एक बिल्ली और चूहे का खेल है, और हमें इसमें आगे रहना होगा।


























