प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को रांची और बिहार में जमीन घोटाले के आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम ने रांची के लालपुर, चुटिया और कांके रोड में कई जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बोकारो भूमि घोटाले के सिलसिले में की गई है, जिसमें झारखंड और बिहार के कुल 15 ठिकानों पर छापा मारा गया है।
*कारोबारियों के ठिकानों पर ईडी की रेड*
रांची में कारोबारी विमल अग्रवाल और पुनीत अग्रवाल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है। ये दोनों राजवीर कंस्ट्रक्शन से जुड़े हुए हैं और बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट से भी जुड़े हुए हैं। इससे पहले सितंबर 2023 में इनके ठिकानों पर जीएसटी की छापेमारी हो चुकी है।
*बोकारो में जमीन विवाद*
बोकारो में 74.38 एकड़ जमीन खरीदने वाले उमायुष मल्टीकॉम प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी ईडी की छापेमारी हुई है। वन विभाग का दावा है कि यह जमीन प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट है, जबकि जमीन की खरीद बिक्री में शामिल लोगों का दावा है कि यह जमीन उनके पूर्वजों ने 1933 में ब्रिटिश शासन के दौरान सरकार द्वारा की गई नीलामी में खरीदी थी।
*न्यायालय की अवमानना*
राज्य सरकार और वन विभाग द्वारा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जमीन के सिलसिले में किए गए अलग-अलग दावों की वजह से भारतीय वन सेवा के दो अधिकारी न्यायालय के अवमानना के दोषी करार दिए गए हैं। ईडी की यह कार्रवाई जमीन घोटाले के आरोपियों के खिलाफ एक बड़ा कदम है ।






























