झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) का महाधिवेशन रांची के खेलगांव स्थित टानाभगत इंडोर स्टेडियम में शुरू हो गया है। इस महाधिवेशन का उद्घाटन पार्टी के अध्यक्ष शिबू सोरेन ने किया और इसे बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को समर्पित किया गया। पहले दिन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि 2019 में झारखंड की जनता ने डबल इंजन की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था और अब उनकी सरकार आम लोगों के हित में काम कर रही है।
हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड के गठन के बाद से ही आदिवासियों, मूलवासियों और दलितों का शोषण और उत्पीड़न हो रहा था, लेकिन उनकी सरकार ने इन वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों की कोशिशों के बावजूद झारखंड की अबुआ सरकार ने झुकना स्वीकार नहीं किया है और आम लोगों के हित में फैसले ले रही है।

महाधिवेशन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी, जिनमें शामिल हैं ¹:
– *पार्टी संविधान में संशोधन*: जेएमएम अपने संविधान में बदलाव पर विचार कर रही है ताकि पार्टी को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
– *भूमि पुनर्वापसी कानून*: पार्टी इस कानून पर चर्चा करेगी और इसके प्रावधानों को मजबूत बनाने के तरीकों पर विचार करेगी ताकि आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
– *वक्फ संशोधन कानून का विरोध*: जेएमएम वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर सकती है, जिसे पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय के हितों के खिलाफ मानती है।
– *राष्ट्रीय पार्टी बनाने की रणनीति*: जेएमएम अब क्षेत्रीय दल की छवि से बाहर निकलकर राष्ट्रीय पार्टी बनने की रणनीति बना रही है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सके।
– *बिहार और बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव*: जेएमएम इन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति तैयार करेगी और अन्य दलों के साथ गठबंधन की संभावनाएं तलाशेगी।
– *जिला अध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्षों को अधिक शक्तियां*: जेएमएम जिला अध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्षों को अधिक राजनीतिक शक्तियां देने पर विचार कर रही है ताकि पार्टी की जमीनी स्तर पर मजबूती बढ़ सके।

इस महाधिवेशन में जेएमएम के शीर्ष नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं और पार्टी के भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे। ¹
































