दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में गंभीर वायु प्रदूषण को लेकर अहम खबर आयी है। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम हो अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है। स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए सरकार ने छूट दी है। सरकार ने दिल्ली में निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने जानकारी दी कि दिल्ली के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम करना अनिवार्य होगा। निर्णय 18 दिसंबर से लागू होगी। नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों से जुर्माना वसूला जायेगा।
इसके अलावा श्रम विभाग ने भी एक निर्णय लिया है। कहा है कि ग्रेप-4 के दौरान 16 दिन निर्माण कार्य बंद रहेंगे। इससे प्रभावित रजिस्टर्ड मजदूरों को दिल्ली सरकार 10,000 रुपये का मुआवजा देगी। मुआवजा सीधे उनके खाते में जायेगा।
दिल्ली के वायु प्रदूषण की बात करें तो आज बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 329 पर यानी बहुत खराब कैटेगरी में दर्ज किया गया। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली के सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर सुबह 7 बजे AQI गंभीर रेंज से नीचे था, कुछ इलाकों में यह खराब ज़ोन में रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि, मंगलवार को प्रदूषण का स्तर गंभीर कैटेगरी से बाहर था। 24 घंटे का AQI 354 पर रहा। CPCB के अनुसार 0 से 50 के बीच AQI को अच्छा, 51 से 100 को ‘संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम , 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को ‘बहुत खराब और 401 से 500 को गंभीर माना जाता है।
जान लें कि मंगलवार को दिल्ली सरकार ने घोषणा की कि पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं रखने वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। इसके अलावा BS-VI मानदंडों से नीचे के दिल्ली के बाहर के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।



























