अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लागू हो गए हैं।भारत में कपड़ा, चमड़ा, झींगा, हैंडीक्राफ़्ट और कई अन्य उद्योगों पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है।
अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार घाटे को दुरुस्त करने के लिए 25 फ़ीसदी और रूस से तेल ख़रीदने के पेनल्टी के तौर पर भारत पर 25 फ़ीसदी का टैरिफ़ लगाया है।
कुछ उत्पादों को इससे छूट दी गई है, लेकिन अनुमान के मुताबिक़ भारत का अमेरिका को होने वाला 60 फ़ीसदी से अधिक निर्यात इस 50 फ़ीसदी टैरिफ़ से प्रभावित होगा। अमेरिका के अर्थशास्त्री राष्ट्रपति ट्रंप के इस क़दम पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ ने इसे दमनकारी बताया है, तो कुछ का कहना है कि ये टैरिफ़ भारत को वैश्विक कारोबार में और बेहतर मौक़े तलाशने के लिए प्रेरित करेगा।
भारत में टेक्सटाइल, लेदर और हैंडीक्राफ़्ट उद्योग में ज़्यादातर छोटे कारोबारी हैं और इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को रोज़गार मिला हुआ है। उनके मुताबिक़, भारतीय अर्थव्यवस्था के मुश्किल वक़्त में लगाए गए ये टैरिफ़ ख़ास तौर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर असर डालेंगे। हालांकि, अमेरिका के टैरिफ़ का असर भारत के सर्विस और आईटी उद्योग पर नहीं होगा।

























