महिलाओं के जीवन में 45 से 50 की उम्र के बीच एक बड़ा शारीरिक और मानसिक बदलाव आता है, जिसे मेनोपॉज कहते हैं। इस दौर में हार्मोनल असंतुलन की वजह से कई बार महिलाओं को डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पोस्ट मेनोपॉज के बाद डिप्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में समय रहते इसके लक्षणों की पहचान करना बेहद जरूरी है।
डिप्रेशन के 6 प्रमुख लक्षण जो मेनोपॉज के बाद नजर आ सकते हैं:
- लगातार उदासी और निराशा महसूस होना
- नींद में कमी या बहुत ज्यादा नींद आना
- चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ना
- भूख में बदलाव – बहुत कम या ज्यादा लगना
- आत्मविश्वास में कमी और आत्मग्लानि
- किसी भी चीज़ में रुचि न रहना
अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। मेनोपॉज एक नेचुरल प्रक्रिया है, लेकिन इससे जुड़े मानसिक बदलावों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। सही देखभाल और सपोर्ट से इस दौर को आसानी से पार किया जा सकता है।



























