दुमका: झारखंड के दुमका जिले के काठी कुंड प्रखंड में अनुसूचित जनजाति की एक नाबालिक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जगह घटना सामने आई है जिसमें यह वारदात 25 अगस्त की देर रात काठी कुंड क्षेत्र में हुई जहां पांच युवकों ने मिलकर पीड़िता के साथ दरिंदगी का काम किया और इस घटना से पूरा इलाका आक्रोश और भय से भर गया।
इसी के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वेटर संज्ञान लिया और आयोग की सदस्य डॉक्टर आशा लकड़ा के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई जिसके बाद आयोग ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा एवं दोषियों को कठोरता सजा दी जाएगी और उन्हें सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों को मिला नोटिस
घटना की शिकायत 27 अगस्त 2025 को आयोग के समक्ष में दर्ज कराई गई जिसके बाद आयोग के उप सचिव श्री योगेंद्र यादव ने दुमका जिले के उपयुक्त और जिला पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया जिसमें उन्होंने दोनों अधिकारियों के साथ दिनों के भीतर तक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और यह चेतावनी दिया कि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं दिया गया तो संबंधित अधिकारियों को समन जारी कर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने यह साफ रूप से स्पष्ट किया है कि इस मामले की पूरी निगरानी वह करेंगे और राज्य प्रशासन से अपेक्षा जुटा की पिता को न्याय दिलाने के लिए दोषियों के विरुद्ध शीघ्र और जल्द से जल्द कोई ठोस कार्रवाई की जाए।































