नई दिल्ली: झारखंड में प्रारंभिक विद्यालयों में 2601 प्रशिक्षित सहायक आचार्य की बहाली को लेकर प्रतियोगिता परीक्षा सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रूप से अपनाया जिसमें सोमवार 28 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने झारखंड सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के इस रवैया पर गहराई नाराजगी जताई है।
कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्देश दे दिया है कि 14 अगस्त 2025 तक सभी विषयों और सभी श्रेणियां के परीक्षा फल जारी कर दिए जाने चाहिए और न्यायालय ने कहा है कि यह मामला झारखंड के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और इससे किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को नहीं बर्दाश्त किया जाएगा।
रिजल्ट जारी नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट ने यह सख्त चेतावनी दिया है कि यदि तय समय सीमा अब तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया तो 18 अगस्त को झारखंड के मुख्य सचिव शिक्षा सचिव और अवर सचिव को व्यक्तित्व रूप से अदालत में हाजिर होना होगा जिसे अदालत ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन परीक्षा प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लगी तो न्यायालय को सख्त कार्रवाई लेना ही होगा।
झारखंड के हजारो प्रशिक्षित अभ्यर्थियों में उम्मीद की किरण जगी है जिससे लंबे समय से रुकी हुई बहाली प्रक्रिया को अब एक भरोसा दिया गया है।






























