गुमला में अंचल अधिकारी की मनमानी: म्यूटेशन आवेदनों में गड़बड़ी

0
180

गुमला जिले के सिसई अंचल अधिकारी निदेश रौशन खलखो पर म्यूटेशन आवेदनों में गड़बड़ी का आरोप लगा है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उन्होंने 46 म्यूटेशन आवेदनों को पहले रद्द कर दिया, फिर खुद ही उन्हें सुनकर स्वीकृत कर दिया। यह नियमों के विरुद्ध है, क्योंकि अंचल अधिकारी अपने स्तर से रद्द किए गए म्यूटेशन आवेदन की अपील खुद नहीं सुन सकते हैं।

 

 

 

*रजिस्टर-2 की चोरी*

 

इसके अलावा, अंचल कार्यालय के निरीक्षण में पता चला कि दो हल्का के रजिस्टर-2 चोरी हो गए हैं। राजस्व उपनिरीक्षक ने बताया कि हल्का-3 और हल्का-5 के एक मौजा के रजिस्टर की चोरी हो गई है।

 

 

 

*म्यूटेशन आवेदनों का निपटारा*

 

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वर्ष 2022-24 में मिले सभी म्यूटेशन आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। इन दो वित्तीय वर्षों में कुल 2231 म्यूटेशन आवेदन मिले थे। 2024-25 में मिले 731 म्यूटेशन आवेदनों में से 683 का निपटारा किया जा चुका है।

 

 

 

 

अंचल अधिकारी द्वारा रद्द और स्वीकृत म्यूटेशन आवेदनों के कुछ उदाहरण हैं:

 

– जोगेंद्र उरांव का आवेदन (मौजा सहीजाना, खाता 51, प्लॉट 188) पहले रद्द किया गया, फिर स्वीकृत कर दिया गया।

– हेदायत खान का आवेदन (मौजा अरको, खाता 145, प्लॉट 254) पहले रद्द किया गया, फिर स्वीकृत कर दिया गया।

– शम्स तबरेज का आवेदन (मौजा सियांग, खाता 38, प्लॉट 1699) पहले रद्द किया गया, फिर स्वीकृत कर दिया गया।

 

 

 

*क्या है कार्रवाई?*

 

अब देखना यह है कि अंचल अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। गुमला के उपायुक्त करण सत्यार्थी ने सिसई अंचल में म्यूटेशन में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर निरीक्षण का आदेश दिया था। अब आगे क्या होगा, यह देखने वाली बात होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here