जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच कुछ देशों ने कूटनीतिक प्रयास शुरू कर दिए हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान और भारत के अपने समकक्षों से बात की है, जबकि ईरान के विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है।
भारत ने हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें सिंधु जल समझौते को निलंबित करने से लेकर बॉर्डर क्रॉसिंग बंद करना और पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा को रद्द करना शामिल है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने शिमला समझौते से बाहर आने की घोषणा की है और कहा है कि सिंधु जल समझौते पर अगर भारत ने कोई कार्रवाई की तो इसे जंग का एलान माना जाएगा।
सऊदी अरब और ईरान के कूटनीतिक प्रयासों से उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है। लेकिन अभी तक दोनों देशों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जो तनाव कम होने की ओर इशारा करे।
दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है। अब देखना यह है कि सऊदी और ईरान के कूटनीतिक प्रयासों से दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है या नहीं।






























