झारखंड सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। खलारी के पूर्व सीओ रवि किशोर राम को निंदन की सजा दी गई है, जबकि ठेठईटांगर सिमडेगा के पूर्व बीडीओ शिवाजी भगत को आरोपमुक्त कर दिया गया है।
रवि किशोर राम पर आरोप था कि उन्होंने बुकबुका ग्राम में 1.59 एकड़ जमीन का फर्जी तरीके से बलदेव महतो के नाम रसीद काटने में मदद की थी। जांच में पाया गया कि यह जमीन बिहार सरकार के नाम दर्ज है और राम ने 1990 से 2020 तक का लगान रसीद काटने में मदद की थी। इस मामले में विभागीय कार्यवाही के बाद उन्हें निंदन की सजा दी गई है।
वहीं, शिवाजी भगत पर आरोप था कि उन्होंने बिना प्रभार सौंपे और बिना अनुमति के प्रखंड मुख्यालय से बाहर रहे और रोकड़ पंजी का अद्यतन संधारण नहीं किया। हालांकि, विभागीय कार्यवाही में उनके जवाबों से संतुष्ट होते हुए आरोप मुक्त करने की अनुशंसा की गई थी। इसके बाद उन्हें दोषमुक्त करार दिया गया है।
सरकार की इस कार्रवाई से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सरकार की मंशा है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करें और किसी भी तरह की अनियमितता न करें।
































