रांची के सिविल कोर्ट के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर के विरोध में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। इस फ्लाईओवर के निर्माण कार्य से करीब 100 मीटर दूरी पर स्थित प्राचीन केंद्रीय सरना स्थल प्रभावित हो रहा है। इसको लेकर केंद्रीय सरना स्थल बचाओ मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष केंद्रीय सरना स्थल के समीप जमा हुए और नारेबाजी करते हुए सिविल कोर्ट के समीप से राजभवन के समीप तक पदयात्रा की।इसके बाद बड़ी संख्या में महिला-पुरुष केंद्रीय सरना स्थल बचाओ मोर्चा के बैनर तले आदिवासी समाज के लोग मंत्री आवास की ओर बढ़े।
आदिवासी समाज के लोग मंत्री चमरा लिंडा से पूछना चाहते थे कि उन्होंने जो वादा किया था, उसे पूरा क्यों नहीं किया? हालांकि, भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के कारण वे आगे नहीं बढ़ सके। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंत्री चमरा लिंडा वादाखिलाफी कर रहे हैं और उन्होंने अपने आवास की सुरक्षा के लिए छात्रावास के बच्चों को तैनात किया है।
प्रदर्शनकारियों ने पांच घंटे तक इंतजार करने के बाद मंत्री के नहीं आने पर बैरिकेडिंग तोड़ दी, लेकिन बाद में उन्हें शांत करा लिया गया। इस दौरान पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव समेत कई लोग मौजूद थे। आदिवासी समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे और अगला निशाना खिजरी विधायक राजेश कच्छप होंगे।


































