रांची: रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड स्थित गेतलसूद डैम में स्थापित 100 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट से प्रभावित मछुआरा समुदाय के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) द्वारा शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट के कारण प्रभावित हुए परिवारों के पुनर्वास और आजीविका सुरक्षा के लिए स्थानीय संस्था महिला जागृति समिति काम कर रही है।
वर्ष 2019 में गेतलसूद डैम के पूर्वी हिस्से में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव सामने आने के बाद स्थानीय मछुआरों ने अपनी पारंपरिक आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद, SECI ने प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास कार्य योजना लागू की और इस प्रक्रिया में महिला जागृति समिति को साझेदार बनाया गया।
पिछले पांच वर्षों के दौरान, महिला जागृति समिति ने प्रभावित गांवों में लगातार बैठकें, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर समुदाय को संगठित करने का काम किया। इसके बाद, प्रभावित परिवारों ने मिलकर अक्षय ऊर्जा किसान स्वयं-सहायक सहकारी समिति लिमिटेड का गठन किया, जिसे झारखंड राज्य सहकारी समिति अधिनियम-2008 के तहत पंजीकृत किया गया।
वर्ष 2025 में AUKSSCS लिमिटेड ने महिला जागृति समिति और SECI के सहयोग से गेतलसूद डैम में केज फिश फार्मिंग की शुरुआत की। इसके साथ ही, संगठन ने वैकल्पिक आजीविका कार्यक्रमों के तहत बकरी पालन, बत्तख पालन और सुअर पालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया है।
संगठन अब कृषि आधारित आय के नए स्रोत विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। इसके लिए, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव भूमि राजस्व विभाग और प्रखंड विकास कार्यालय को भेजा गया है, ताकि सदस्यों को सब्जी, फूल और अन्य नकदी फसलों की खेती से जोड़ा जा सके।
महिला जागृति समिति नवंबर 2025 से अनगड़ा और ओरमांझी प्रखंड के गेतलसूद डैम के आसपास स्थित 10 गांवों में सामुदायिक स्वरोजगार से जुड़ रहे हैं।























