शिमला, हिमाचल प्रदेश – मानसून के लगातार कहर के चलते हिमाचल प्रदेश में जनजीवन पूरी तरह तहस‑नहस हो गया है। राज्य में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं ने अब तक 137 लोगों की जान ले ली है और संभालना मुश्किल बना दिया है।

 स्थिति की झलक

कुल मृत्यु संख्या: मानसून शुरू होने (20 जून) से 137 लोगों की मौत, जिनमें से लगभग 77 लोग भूस्खलन व फ्लैश फ्लड में, और 60 लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं।  सड़क बंद: राज्य भर में अब तक 344 सड़कों पर यातायात बंद, जिनमें कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और चंबा सबसे अधिक प्रभावित हैं; मंडी जिले में ही 232 सड़कें बंद हैं।  बिजली और जल आपूर्ति प्रभावित: नियमित सेवा प्रभावित—मंडी में 98 ट्रांसफोर्मर और 65 जल योजनाएं, कुल मिलाकर पूरे राज्य में 169 ट्रांसफोर्मर व 230 जल योजनाएं बाधित हैं।

आर्थिक व बुनियादी ढांचा नुकसान

कुल संपत्ति हानि: अनुमानतः ₹1,382 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसमें मकान, दुकानें, गोशालाएं और अन्य संपत्ति शामिल हैं।  मंडी जिले में सबसे अधिक प्रभाव: डैमेज की राशि यहां ₹708 करोड़ दर्ज की गई, जिसमें थुनाग क्षेत्र का हिस्सा ₹394 करोड़ है। यहां 349 मकाने पूरी तरह और 546 आंशिक क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

 बारिश के आंकड़े एवं अलर्ट स्थिति

अधिकतम वर्षा स्थान:

  • कांगड़ा (नगरोटा सुर्रियाँ): 130–150 मिम
  • मंडी, चंबा, डैम क्षेत्रों में भी 100–120 मिमी तक हुई बारिश।

मौसम अलर्ट:

  • 24–26 जुलाई तक येलो अलर्ट,
  • 27–29 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी।

 राहत एवं कार्रवाई

राहत कार्य जारी: आपदा प्रबंधन टीम और राज्य सरकार सड़कें खोलने, इलेक्ट्रिसिटी व पानी बहाल करने में जुटी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में राहत शिविर, पीने का जल, और जरूरी सुविधा जुटाने की मुहिम जारी है।  यात्रा सलाह: प्रशासन ने गैर-जरूरी यात्रा से परहेज़ करने और यात्रा से पहले मार्ग स्थिति व मौसम अपडेट की पुष्टि करने की सख्त हिदायत दी है।

सारांश – मुख्य तथ्य

पहलू विवरण

  • मृत्यु संख्या 137 (77 भूस्खलन/फ्लैश फ्लड, 60 सड़क हादसों में)
  • बंद सड़कें लगभग 344 (मंडी में अधिकतम 232)
  • प्रभावित ट्रांसफोर्मर 169
  • बाधित जल योजनाएँ 230
  • कुल संपत्ति हानि ₹1,382 करोड़ से ऊपर
  • गंभीर जिला (नुकसान) मंडी—₹708 करोड़, 349 मकान पूर्णतः टूटे
  • वर्षा का अधिकतम केन्द्र कांगड़ा/नगरोटा सुर्रियाँ—130‑150 मिमी
  • आगामी मौसम अलर्ट येलो (24‑26 जुलाई), ऑरेंज (27‑29 जुलाई)

इस बार के मानसून ने हिमाचल प्रदेश को बुरी तरह झकझोड़ दिया है — जनहानि, अवरुद्ध यातायात, बुनियादी ढांचा ठप, और समेकित आर्थिक क्षति दर्ज की जा चुकी है। राहत और पुनर्प्राप्ति कार्य जबरदस्त चुनौतियों के बीच जारी हैं। आगे के दिनों की बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए सतर्कता एवं व्यापक तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

 

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