इजराइल ने शुक्रवार, 13 जून 2025 को ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया, जिसका नाम ऑपरेशन राइजिंग लॉयन रखा गया है. इस अभियान में इजराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया, जिसमें नतांज़ स्थित प्रमुख यूरेनियम संवर्धन स्थल भी शामिल था।इजराइल के अनुसार, यह हमला ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने के खतरे को रोकने के लिए किया गया था।
*ईरान के परमाणु कार्यक्रम की मुख्य बातें:*
– *नतांज़ संवर्धन सुविधा*: ईरान का मुख्य संवर्धन स्थल, जो तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।
– *फोर्डो संवर्धन सुविधा*: तेहरान से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित, जो पहाड़ के नीचे दबे होने के कारण हवाई हमलों का सामना करने में सक्षम है।
– *बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र*: ईरान का एकमात्र वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र, जो फारस की खाड़ी में स्थित है।
*इजराइल के हमले के बाद की स्थिति:*
– ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल के सैन्य ठिकानों और मिसाइल अड्डों को निशाना बनाते हुए हमले किए।
– ईरान ने 220 से अधिक लोगों की मौत की बात कही, जबकि इजराइल ने 24 लोगों की मौत की जानकारी दी।

























