न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 पर रांची में बड़ा टैक्स सेमिनार

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झारखंड: FJCCI और झारखंड इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आज चैंबर भवन में न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों और हाल के परिवर्तनों पर एक टैक्स सेमिनार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य आयकर आयुक्त राजेश कुमार झा और मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर से आए चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश मेहता उपस्थित रहे। दोनों विशेषज्ञों ने नए आयकर कानून के प्रावधानों और उसके व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

झारखंड इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद पसारी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नए आयकर अधिनियम को समझना और उसे अपने क्लाइंट्स तक सही तरीके से पहुंचाना टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सेमिनार से टैक्स प्रैक्टिशनर्स को नए कानून को व्यवहार में लागू करने में काफी मदद मिलती है।

मुख्य आयकर आयुक्त राजेश कुमार झा ने कहा कि सरकार ने नए आयकर कानून को पहले की तुलना में अधिक सरल और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया है। ताकि, करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स को प्रावधानों को समझने में आसानी हो।

उन्होंने बताया कि कानून को सरल भाषा और व्यवस्थित संरचना में प्रस्तुत किया गया है, जिससे कम्प्लायंस की प्रक्रिया भी आसान होगी। उन्होंने टैक्स प्रैक्टिशनर्स से अपील की कि वे नए अधिनियम का गहन अध्ययन करें और करदाताओं को इसके प्रावधानों के बारे में सही मार्गदर्शन दें।

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि नए आयकर अधिनियम 2025 को लेकर व्यापारियों, उद्योगों और टैक्स प्रोफेशनल्स के बीच कई तरह की जिज्ञासाएं हैं। ऐसे में इस तरह के सेमिनार सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि कानून को सरल बनाना सरकार की सकारात्मक पहल है और इसके सफल क्रियान्वयन में टैक्स प्रैक्टिशनर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता सीए राजेश मेहता ने बताया कि नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि एक्ट को अधिक व्यवस्थित और सरल बनाने के लिए कई प्रावधानों को शेड्यूल और टेबुलर फॉर्म में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नए कानून के तहत व्यवसायियों को पिछले 7 वित्तीय वर्षों के बुक्स ऑफ अकाउंट्स सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण में कैपिटल गेंस, जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट, टीडीएस रिटर्न, चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े नियम, एमएसएमई पेमेंट्स और आयकर के नए एवं पुराने फॉर्म से संबंधित प्रावधानों पर भी विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन चैंबर के सीजीएसटी उप समिति के चेयरमैन सीए आदित्य शाह ने किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य आयकर आयुक्त और मुख्य वक्ता को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता रामवतार नारसरिया ने किया।

 

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