भारत: यूरोपीय यूनियन ने भारत की प्रमुख निजी तेल कंपनी नायरा एनर्जी लिमिटेड पर रोक लगा दी है और गुजरात स्थित वदीना रिफाइनरी जो नायरा एनर्जी से जाना माना है वह अब EU के नए प्रतिबंधों की सूची में शामिल हो रहे हैं। इस कदम से रूस के एनर्जी सेक्टर को निशाना बनाने वाले प्रतिबंधों के तहत उठाया गया है।
EU की इस घोषणा के बाद ऐसे समय में अमेरिका और उसके सहयोगी रस से तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की सोच रहे हैं और अमेरिकी कांग्रेस में एक बड़ा प्रस्ताव पर चर्चा किया जा रहा है जिसके तहत रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 500% तारीफ लगाया जा सकता है जो भारत के लिए काफी नुकसान होगा।
NATO का बढ़ता दबाव
इस योजना के तहत सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन के महासचिव मार्ग रूटिंग ने भी भारत चीन और ब्राजील जैसे देशों से रूस पर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव डालने का अपील किया है और स्टाफ व्यक्त किया है कि अगर यह देश रूस के खिलाफ खुलकर नहीं आया तो अमेरिका प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार रहेगा।

























