इमरजेंसी1975: 25 जून 1975 को भारत में इमरजेंसी लागू हुई — एक ऐसा दिन जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में “काले अध्याय” के रूप में दर्ज हो गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए इस आपातकाल ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को झकझोर दिया।
मौलिक अधिकार छिन गए, डर का माहौल बना
इस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए, प्रेस की स्वतंत्रता पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया और हजारों विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया। आम जनता एक भय के वातावरण में जीने को मजबूर थी।
तानाशाही की ओर बढ़ता भारत
यह दौर ऐसा था जब लोकतंत्र की जगह तानाशाही के संकेत दिखने लगे। आपातकाल ने भारतीय राजनीति और समाज को लंबे समय तक प्रभावित किया और यह आज भी एक चेतावनी के रूप में याद किया जाता है।



























