एनटीपीसी की चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना के कारण आदिम जनजाति समुदाय के तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें गीता देवी बिरहोर भी शामिल हैं। गीता देवी की मौत के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एनटीपीसी के सीएमडी और हजारीबाग डीसी से स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने कहा है कि एनटीपीसी और जिला प्रशासन ने बिरहोर आदिवासियों के जीवन और कल्याण पर खनन गतिविधि को प्राथमिकता दी है, जो अनुचित है।
*मृत्यु के कारण*
– खनन कार्य के कारण भारी धूल से बीमारियां
– विस्फोट कार्य से घरों का नष्ट होना
– समुचित इलाज नहीं होने से मौत
*राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की कार्रवाई*
– एनटीपीसी के सीएमडी और हजारीबाग डीसी से स्पष्टीकरण मांगना
– खनन कार्य के कारणों की जांच और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश
– बिरहोरों को स्थानांतरित किए जाने तक खनन कार्य रोकने की सलाह
*एनटीपीसी की परियोजना*
– चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना अप्रैल 2022 में शुरू हुई
– परियोजना के लिए 33 घरों वाले बिरहोर टोला को स्थानांतरित करने की आवश्यकता
































